हम सब कहीं न कहीं यही सोचते रहते हैं कि ज़िंदगी “कभी न कभी” सही हो जाएगी।
कभी नौकरी लगने के बाद,
कभी हालात बदलने के बाद,
कभी पैसे आने के बाद।
लेकिन Your Best Day Is Today! किताब इस सोच को सीधा-सीधा चुनौती देती है।
अनुपम खेर बहुत साफ़ शब्दों में कहते हैं कि ज़िंदगी बाद में नहीं सुधरती,
ज़िंदगी आज सुधरती है।
इस किताब में कोई फिल्मी मोटिवेशन नहीं है,
ना ही खोखले वाक्य।
यह एक ऐसे इंसान की सच्ची कहानी है जिसने डर, असफलता, अकेलापन और रिजेक्शन सब कुछ देखा है,
और फिर भी खुद से हार नहीं मानी।
अगर आप बार-बार यह सोचते हैं कि
“मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है?”
तो यह किताब आपको बहुत अंदर तक छुएगी।
अनुपम खेर: सिर्फ़ अभिनेता नहीं, एक जीता-जागता उदाहरण
अनुपम खेर का नाम सुनते ही लोगों को एक सफल अभिनेता याद आता है।
लेकिन इस सफलता के पीछे जो संघर्ष है,
वही इस किताब की आत्मा है।
जब वे मुंबई आए थे, तो न उनके पास कोई गॉडफादर था, न कोई बड़ा सहारा।
कई बार उन्हें रिजेक्ट किया गया। कई बार कहा गया कि “आप इस लाइन के लिए फिट नहीं हैं।”
ऐसे समय में ज़्यादातर लोग टूट जाते हैं। लेकिन अनुपम खेर ने खुद से एक सवाल पूछा —अगर आज हार मान ली, तो आगे क्या बचेगा?
यहीं से उनकी सोच बदली। यही सोच आगे चलकर इस किताब की नींव बनी।
इस किताब का असली संदेश क्या है?
यह किताब आपको यह नहीं कहती कि आपकी ज़िंदगी में दुख नहीं आएँगे। यह किताब यह भी नहीं कहती कि सब कुछ अपने आप ठीक हो जाएगा।
यह किताब बस इतना कहती है कि
आज को खराब मत होने दो।
आपका कल,
आपके आज के फैसलों से बनता है।
अगर आज आपने खुद पर भरोसा किया,
तो कल की राह आसान होगी।
अगर आज आपने डर के आगे झुक गए,
तो कल भी वही डर सामने खड़ा मिलेगा।
डर: दुश्मन नहीं, संकेत है
हमारे समाज में डर को कमजोरी माना जाता है।
लेकिन अनुपम खेर इसे बिल्कुल अलग नज़र से देखते हैं।
उनका कहना है कि
डर इस बात का संकेत है
कि आप अपनी सीमा से बाहर जाने की कोशिश कर रहे हैं।
जब उन्होंने थिएटर किया,
तो डर था।
जब पहली बार कैमरे का सामना किया,
तो डर था।
जब नए रोल लिए,
तो डर था।
लेकिन हर बार उन्होंने डर को सुना,
समझा
और फिर आगे बढ़ गए।
किताब हमें सिखाती है कि
डर से भागने की ज़रूरत नहीं है।
ज़रूरत है उसे पहचानने की।
असफलता से भागने के बजाय उससे सीखना
असफलता शब्द सुनते ही
हमारा आत्मविश्वास हिल जाता है।
किताब में बताया गया है कि
असफलता कोई अंत नहीं होती।
वह एक सीख होती है।
अनुपम खेर बताते हैं कि
उनकी कई फिल्में फ्लॉप हुईं।
कई रोल्स ने उन्हें पहचान नहीं दी।
लेकिन हर असफलता ने उन्हें बेहतर अभिनेता बनाया।
अगर वे पहली हार में ही रुक जाते,
तो आज उनका नाम कोई नहीं जानता।
यह बात खासतौर पर उन युवाओं के लिए है
जो एक रिजेक्शन के बाद खुद को खत्म मान लेते हैं।
आज में जीना क्यों ज़रूरी है
हम या तो अतीत में जीते हैं
या भविष्य में।
अतीत हमें guilt देता है
और भविष्य डर देता है।
लेकिन आज,
जो हमारे हाथ में है,
उसे हम नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
यह किताब हमें याद दिलाती है कि
आज ही वह दिन है
जहाँ बदलाव शुरू हो सकता है।
अगर आज आपने खुद से सच्चाई से बात की,
अगर आज आपने एक छोटा सा कदम उठाया,
तो वही कदम कल बड़ा बदलाव बनेगा।
खुद से दोस्ती करना सीखो
किताब का एक बहुत खूबसूरत हिस्सा है
खुद को स्वीकार करने पर।
हम अक्सर खुद से बहुत सख्ती से बात करते हैं।
खुद को दूसरों से तुलना करते हैं।
अपनी कमियों को लेकर खुद को कोसते रहते हैं।
अनुपम खेर कहते हैं कि
जब तक आप खुद से दोस्ती नहीं करेंगे,
कोई भी मोटिवेशन काम नहीं करेगा।
खुद को समझना,
खुद को माफ़ करना
और खुद के साथ खड़े रहना —
यही असली ताकत है।
उम्र और हालात बहाना नहीं होने चाहिए
बहुत लोग कहते हैं —
अब उम्र निकल गई।
अब समय नहीं है।
अब हालात सही नहीं हैं।
अनुपम खेर खुद इसका जवाब हैं।
उन्होंने अपने करियर में
50 की उम्र के बाद भी नए मौके बनाए।
किताब यह सिखाती है कि
अगर आप आज कुछ शुरू करते हैं,
तो वही आपका सही समय है।
लोग क्या कहेंगे — इस डर से बाहर निकलना
यह किताब समाज के उस दबाव को भी समझाती है
जो हमें जकड़ कर रखता है।
लोग क्या कहेंगे,
रिश्तेदार क्या सोचेंगे,
दोस्त मज़ाक उड़ाएँगे —
इसी डर में कितने सपने मर जाते हैं।
अनुपम खेर साफ़ कहते हैं कि
लोगों की बातें कभी खत्म नहीं होंगी।
लेकिन आपकी ज़िंदगी सिर्फ आपकी है।
अगर आप खुश नहीं हैं,
तो कोई और आपकी जगह खुश नहीं हो सकता।
खुशी की परिभाषा बदलने की ज़रूरत
किताब में खुशी को
पैसे या नाम से नहीं जोड़ा गया है।
खुशी वहाँ है
जहाँ आप अपने काम से संतुष्ट हैं।
जहाँ आप खुद से झूठ नहीं बोल रहे।
यह बहुत साधारण लेकिन गहरी बात है।
और शायद यही वजह है कि
यह किताब दिल में उतर जाती है।
Your Best Day Is Today! Book PDF Download in Hindi
यह लेख केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से लिखा गया है।
किसी भी किताब का PDF डाउनलोड करना
कॉपीराइट नियमों के अंतर्गत आता है।
हम हमेशा यही सलाह देते हैं कि
किताब को
ऑफिशियल वेबसाइट
या विश्वसनीय प्लेटफ़ॉर्म से ही पढ़ें।
इससे लेखक और उनके काम का सम्मान होता है।
यह किताब किन लोगों के लिए सबसे ज़्यादा उपयोगी है
यह किताब उनके लिए है
जो बार-बार खुद से हार मान लेते हैं।
जो आज को बेकार समझते हैं।
जो डर के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे।
अगर आप खुद को बदलना चाहते हैं,
लेकिन तरीका नहीं समझ पा रहे —
तो यह किताब आपको दिशा दे सकती है।
निष्कर्ष
Your Best Day Is Today!
हमें यह नहीं सिखाती कि ज़िंदगी परफेक्ट होगी।
यह सिखाती है कि ज़िंदगी सच्ची होगी। अगर आपने आज को संभाल लिया,
तो कल खुद संभल जाएगा।
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और आज खुद से एक वादा करें —
आज को बेकार नहीं जाने देंगे।
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